इस दौरान राज्य की जलविद्युत एवं पम्प्ड स्टोरेज परियोजनाओं को गति देने के लिए आगामी पाँच वर्षों में ₹7,800 करोड़ की Central Financial Assistance (CFA)/Viability Gap Funding (VGF) उपलब्ध कराने, उत्तराखण्ड को पूर्वोत्तर राज्यों की भांति पूंजीगत वित्तीय सहायता प्रदान करने तथा इन परियोजनाओं की आर्थिक व्यवहार्यता सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया।
इसके साथ ही प्रदेश की ऊर्जा सुरक्षा एवं ग्रिड स्थिरता को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से 500 MWh Battery Energy Storage System (BESS) परियोजना की स्वीकृत क्षमता को बढ़ाकर 665 MWh किए जाने तथा संशोधित क्षमता के अनुरूप Viability Gap Funding (VGF) उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया।
उत्तराखण्ड के ऊर्जा क्षेत्र को सशक्त बनाने से जुड़े इन सभी विषयों पर सकारात्मक आश्वासन देने के लिए आदरणीय केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर जी का हृदय से आभार।
