
[11:30 pm, 15/09/2024] My1: उत्तराखंड कुमाऊं का लोक पर्व त्योहार खतड़ुवा क्यों मनाया जाता हैं ?
नमस्कार दगड़ियों आज हम आपको अपनी इस पोस्ट में उत्तराखंड कुमाऊं का लोक पर्व त्योहार खतड़ुवा क्यों मनाया जाता हैं। इसके बारे में जानकारी देंगें।
कुमाऊं का लोक पर्व त्योहार खतड़ुवा-
उत्तराखंड कुमाऊं का लोक पर्व त्योहार खतड़ुवा पशुओं की रक्षा और खुशहाली हेतु मनाया जाता हैं। खतडुवा, खतरूवा या फिर खतड़वा त्यौहार आश्विन मास की संक्रांति के दिन उत्तराखंड के कुमाऊँ मंडल के लोग खतडुवा ( Khatduwa festival) लोक पर्व मनाते हैं। अश्विन संक्रांति को कन्या संक्रांति भी कहते हैं, क्योंकि इस दिन भगवान सूर्यदेव सिंह राशि की यात्रा समाप्त कर कन्या राशि मे प्रवेश करते हैं।
[11:31 pm, 15/09/2024] My1: अनुसार-
कुमाऊं का लोक पर्व त्यौहार खतड़वा यह त्योहार विजयोल्लास का प्रतीक है। सोलवीं सदी में जब चंद राज्य एवं पंवार राज्य की सेनाओं के बीच 8 बार भयंकर युद्ध हुआ । प्रारंभ के 7 युद्ध में चंद सेना को पराजय का मुंह देखना पड़ा परंतु आठवीं बार चंद सेना द्वारा पुनः आक्रमण किया गया इस युद्ध का नेतृत्व चंद्र सेनापति गैंडा कर रहा था तथा पंवार सेना का सेनापति खतड़वा था। चंद सेना को विजय प्राप्ति हुई। इस वजह से चंद्रसेना को प्रचुर मात्रा में धन की प्राप्ति हुई। लगातार 7 बार पराजय के बाद जीत प्राप्त हुई। इस विजय से चंद राजा की प्रशंसा की कोई सीमा नहीं रही। इस विजय की स्मृति में खतड़वा त्योहार की रखी गई। इसी कथा के अनुसार लोग गलत समझते है, जबकि यह सब मनघडंत कथाएं हैं।
